
24 July 2026
आज दिनांक 24 जुलाई 2026 को आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय शाहजहांपुर में माननीय उच्चतम न्यायलय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो सुरचना त्रिवेदी जी की अध्यक्षता में दहेज विरोधी कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आज दिनांक 24 जुलाई 2026 को आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय शाहजहांपुर में माननीय उच्चतम न्यायलय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो सुरचना त्रिवेदी जी की अध्यक्षता में दहेज विरोधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी श्रीमती पारुल यादव ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उन्होंने उ. प्र. राज्य बनाम अजमल बेग और अन्य (2025) मामले की पृष्ठभूमि को संदर्भित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की ।इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता श्रीमती नीरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष मानवता वेल्फेयर व श्रीमती निधि बहल अध्यक्ष जागृति प्रार्थना समूह द्वारा छात्राओं को समाज में दहेज प्रथा जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को समाप्त करने व कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी व सभी युवाओं को जागरुक करने के लिए प्रेरित किया। श्रीमती नीरा श्रीवास्तव जी ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि दहेज उत्पीड़न की परिस्थिति में धैर्य को बनाए रखते हुए शालीनता व विनम्रता से समस्याओं को समझना व उसके समाधान के उपाय निकलने चाहिए और अपने आप को इतना सक्षम और योग्य बनाएं कि दहेज जैसी सामाजिक और संवैधानिक बुराई का सशक्त रूप से विरोध कर सके। श्रीमती निधि बहल जी ने दहेज उत्पीड़न सम्बन्धी कानूनी प्रावधानों से छात्राओं को अवगत कराया व दहेज उत्पीड़न के विरुद्ध अपने परिवार और सगे संबंधियों व मित्रों को इसके प्रति जागरुक करने का संदेश दिया। इसी क्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो सुरचना त्रिवेदी जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विवाह में एक दूसरे से स्पर्धा न करें जिस से माता पिता पर आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा के खिलाफ समाज की अंतरात्मा को जगाने की आवश्यकता है जिसमें आप सभी अपना सक्रिय योगदान दें ताकि स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी अनुराधा प्रथम इकाई एवं द्वितीय इकाई अधिकारी पारुल यादव के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। जिसमें महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकायें जिसमें कोमल, शगुन, चाँदनी, संजना, मधुबाला, रजनी, जयंती , मुस्कान, अंशिका नेहा, सुबी व अन्य छात्राएं उपस्थित रहीं। अंत में कार्यक्रम संचालक श्रीमती अनुराधा एवं श्रीमती पारुल यादव ने छात्राओं से अपील की कि वे समाज में यह संदेश प्रसारित करें -" दहेज नहीं, संस्कार मांगिए!"
